मोहम्मदा वीर साधना (इच्छापूर्ण साधना)

मोहम्मदा वीर की साधना (इच्छापूर्ण साधना) यह एक अत्यंत सरल अचूक मुसलमानी साधना है जो कि सिद्ध होने पर मोहम्मदा वीर साधक के सामने प्रकट होकर साधक की सभी इच्छाएं तत्काल पूरी करते हैं। यह एक शक्तिशाली मुसलमानी देवता है यह दयालु होने के कारण एक ही बार में की गई 31 दिन की साधना से प्रकट हो जाते हैं साधना कि विधि नीचे बता रहा हूं - साधना विधि - नौचंदी जुमेरात को साधना शुरू करनी है अच्छे से स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनना है सिर पर जालीदार टोपी और तहमद धारण करना है और शुद्ध इत्र का इस्तेमाल करना है आसन के लिए बिना इस्तेमाल किया हूं साफ स्वच्छ कपड़ा सफेद सवा मीटर लेले साधना का कमरा एकांत हो यानी वहां कोई डिस्टर्ब करने वाला ना हो रात्रि को सारी तैयारी करके 10 बजे के बाद साधना शुरू करें। सबसे पहले लोहबान सुलगाए जब उसकी सुगंध कमरे में फेल जाए तो उसके सामने आसन लगाएं अखंड दीपक प्रज्वलित करें और एक चाकू से सुरक्षा मंत्र पढ़कर घेरा खींच लें और मंत्र जाप शुरू करें प्रत्येक मंत्र के अंत में लोबान कि आहुति देकर सिर झुकना है और 21 बार मंत्र पढ़ना है और सिर नवाना है साधना के समय पूरे समय तक दिया जलना चाहिए इस तरह लगातार बिना गैप किए 31 दिन तक साधना करनी है और ब्रह्मचर्य का पालन करना है 31 वें दिन मोहम्मदा वीर हाज़िर होकर सभी इच्छाएं तत्काल पूरी करेगा। दिन - नौचंदी जुमेरात , दिशा - पश्चिम , माला - सिद्ध हकीक माला , आसन मुद्रा - नमाज़ पढ़ने की मुद्रा , जाप संख्या - 21 बार , मंत्र - साधना के मंत्र और सुरक्षा मंत्र गुप्त होते हैं सार्वजनिक करने पर मंत्र अपनी शक्ति खो देते हैं और निष्क्रिय हो जाते हैं इसलिए जिसको साधना करनी हो या साधना से संबंधित कोई सामग्री चाहिए तो मुझसे संपर्क कीजिए। *नोट - सभी साधना करने का प्रयास ना करें क्योंकि साधना के कुछ नियम होते हैं जिनका सख्ती से पालन अनिवार्य है जो साधना करने के लिए दृढ़ संकल्पित हो चुका हो वही करे तभी सफ़लता मिलेगी और साधना बिना इजाजत कभी ना करें इससे नुकसान उठाना पड़ता है और सफ़लता भी नहीं मिलती। संपर्क-starhafij@gmail.com

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